आलस्य

  • आलस्य से मनुष्य की किसी भी कार्य को करने की रुची समाप्त हो जाती है।
  • आजकल प्राणी किसी भी कार्य को करने के लिए स्वयंको बिलकुल भी परेशान नही करना चाहता है । बल्कि उस कार्य को ही सरल करता रहता है, उसका परिणाम चाहे अच्छा हो या बुरा। उसकी प्रवाह  नक्ही करता है ।
  • यदि मनुष्य किसी भी कार्य को करने के लिए कठिन परिश्रम  करता है, तो वह अवश्य ही सफलता प्राप्त करता है । लेकिन आलस्य मनुष्य को कठिन परिश्रम करने से रोकता है ।
  • यदि मनुष्य आलस्य को त्याग कर रोजाना कठिन परिश्रम करे तो वह अवश्य सफलता प्राप्त कर लेता है । 
  • आलस्य किसी भी समस्या का हल नही है ,यदि मनुष्य किसी भी कार्य को नही कर पाता है तो भी उसे उस कार्य पर विचार करके कठिन परिश्रम  करना चाहिए , वह उस कार्य को अवश्य ही कर लेगा । 
  •    आज का विचार - आलस्य का त्याग करना चाहिए , तभी अपने जीवन मे कुछ कर सकते है।
                                                       मेनपाल ढुढाँडा़ 

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