मन के भाव

  • जब हमारा मन खाली होता है , तब हमारे मन मे कई तरह के विचार आते है - जिनमे कुछ विचार अच्छे और कुछ बुरे होते है । हमारा मन जिन विचारो से प्रसन्न होता है उन विचारो के प्रति हमारी ईच्छा उत्पन होती है और अगर मन की ईच्छा बहुत मजबूत हो तो हमारा मन उस ईच्छा को पुरी करने के लिए कुछ भी कर सकता है अर्थात व्यक्ति अपने मन की तीव्र ईच्छा को पुरी करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है चाहे वह इच्छा व्यक्ति को सही मार्ग पर ले जाये या गलत मार्ग पर ले जाये परन्तु मनुष्य उसे पुरा करने की कोई कसर नही छोड़ता है। मनुष्य के मस्तिष्क मे आने वाले विचार -
  •  1) यदि मनुष्य के मस्तिष्क मे कुछ अच्छा विचार आता है । 
  •      जैसे - यदि मनुष्य के मन मे आए कि उसे अपने जीवन मे एक सफल ईन्सान बनना है तो वह एक अच्छा विचार है । जो मनुष्य को 60-70 प्रतिशत तक बदल देता है और अगर वह विचार मजबूत न हो तो वह कुछ समय तक मन मे रहता है। और बाद मे मन से निकल जाता है। और अगर विचार मजबूत हो तो वह एक सफल ईन्सान बन सकता है। 
  •   2) यदि मनुष्य के मस्तिष्क मे बुरे विचार आते है। तो वह मनुष्य का पूरी तरह से नाश कर देता है। यदि मनुष्य के मन मे एक बार भी आ जाए कि "जीन्दगी बहुत लम्बी है बाद मे कुछ करेगे " तो वह इस बात को छोड़ नही पाता है और अपने जीवन मे कुछ नही करता है। और इसी तरह उसका हर दिन गुजरते - गुजरते पुरा जीवन समाप्त हो जाता है । और वह मनुष्य अपने जीवन मे असफल हो जाता है। 
  • इसी तरह अपने मन को कभी भी खाली नही छोड़ना चाहिए अगर मन खाली हो जाये फिर भी अपने मन मे अच्छे विचारो को लाने का प्रयास करना चाहिए । अन्यथा छोटी-सी गलती (मन को खाली छोड़ने) से पुरे जीवन का नाश हो सकता है। 
  • आज का विचार - मन मे आने वाले विचारो से हमेशा सही मार्ग पर जाना चाहिए अगर गलत विचार आए तो उन्हे त्यागने का प्रयास करना चाहिए। 

                                                     मेनपाल ढुढाँडा़

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