दोस्ती शब्द ऐसा है कि आज की युवा पीढी के इसे अपने भाई से भी बढकर माना जाता है। आजकल के युवा जब अलग - अलग स्थानो से किसी विद्यालय एंव महाविद्यालय मे मिलते है फिर वे एक दूसरे के मन की भावनाओं को समझ कर इतने गहरे दोस्त बन जाते है कि वे एक दूसरे के लिए कुछ भी कर सकते है। और उन्हें ये दोस्ती जीवन भर याद रहती है। परन्तु बहुत से व्यक्ति ऐसे होते है जिन्हें मित्रता की परिभाषा नही आती है और ऐसे व्यक्ति मतलब की दोस्ती रखते हैं और अपना मतलब पुरा होने पर उसे लालच मे फसाकर बर्बाद कर देते हैं अत: ऐसे दोस्त बनाने चाहिए जो दोस्ती की परिभाषा जानता हो और जो मतलब की दोस्ती न करके दिल से दोस्ती करे। और हर सुख - दुख मे आपका साथ दे। आज का विचार - अच्छे दोस्त बनाने के लिए स्वयं का अच्छा होना आवश्यक है मेनपाल ढुढाँडा़
Bhut khub likhte ho
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